(Introduction)
कल्पना कीजिए कि आप सड़क पर चलते हुए किसी अजनबी की मदद करने के लिए रुकते हैं। वह आपको एक बैग पकड़ने के लिए कहता है, यह कहकर कि उसे अपने जूते के फीते कसने हैं। लेकिन जैसे ही आप मुड़ते हैं, वह व्यक्ति गायब हो चुका होता है। बैग खोलने पर, उसमें आपको एक कटे हुए सिर का सामना करना पड़ता है। डर, आश्चर्य और घबराहट की इस स्थिति में आप क्या करेंगे?
यही रोमांचक शुरुआत है “A Ranjith Cinema” की, जो एक मलयालम मनोवैज्ञानिक थ्रिलर फिल्म है। निर्देशक निशांत सत्तू ने इस फिल्म को लिखा और निर्देशित किया है, और इसमें मुख्य भूमिका निभा रहे हैं आसिफ अली। फिल्म में सैजू कुरुप, नमिता प्रमोद और ज्वेल मैरी जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।
लेकिन क्या यह फिल्म अपनी शुरुआत के समान ही पूरे समय दर्शकों को बांधे रखती है? या फिर यह सिर्फ एक अच्छी शुरुआत के बाद निराश कर देने वाली फिल्म साबित होती है? इस रिव्यू में हम A Ranjith Cinema की कहानी, अभिनय, निर्देशन, सिनेमेटोग्राफी और इसकी विशेषताओं पर गहराई से चर्चा करेंगे।
A Ranjith Cinema – कहानी (Story of A Ranjith Cinema)
फिल्म की शुरुआत बेहद दिलचस्प है, जहां मुख्य किरदार रंजीत (आसिफ अली) अचानक ऐसी स्थिति में फंस जाता है जो उसके जीवन को पूरी तरह से बदल देती है।
रंजीत एक महत्वाकांक्षी फिल्म निर्देशक है, जो हमेशा अपने कैमरे के साथ घूमता है और चीजों को कैद करता है। वह अपने जीवन पर एक फिल्म बनाना चाहता है, लेकिन उसकी कल्पना जल्द ही एक भयावह वास्तविकता बन जाती है।
एक दिन, जब वह सड़क पर होता है, एक अनजान लड़की उसे अपना बैग पकड़ने के लिए कहती है और फिर गायब हो जाती है। बैग खोलने पर वह देखता है कि उसमें किसी का कटा हुआ सिर रखा है। यह घटना उसकी जिंदगी को हिला कर रख देती है।
फिल्म आगे बढ़ती है और दिखाती है कि कैसे रंजीत इस स्थिति से निपटता है, और क्या वह इस पहेली को सुलझाने में सफल होता है या नहीं।
मुख्य किरदार और अभिनय (Main Characters & Acting)
1. आसिफ अली (रंजीत के रूप में)
आसिफ अली ने रंजीत के किरदार को काफी अच्छे से निभाया है। उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति की भूमिका को बखूबी निभाया है जो पहले सामान्य जिंदगी जी रहा था लेकिन अचानक एक भयावह परिस्थिति में फंस जाता है।
2. सैजू कुरुप
सैजू कुरुप की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, लेकिन उनकी कहानी को और बेहतर तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता था।
3. नमिता प्रमोद और ज्वेल मैरी
इन दोनों अभिनेत्रियों ने भी अपने किरदारों को प्रभावी रूप से निभाया है, लेकिन फिल्म में उनका स्क्रीन टाइम सीमित है।
4. सहायक कलाकार
फिल्म के अन्य सहायक किरदार भी अपनी जगह पर ठीक हैं, लेकिन उनकी भूमिकाओं को और अधिक मजबूती दी जा सकती थी।

A Ranjith Cinema – निर्देशन और स्क्रीनप्ले (Direction & Screenplay)
फिल्म के निर्देशक निशांत सत्तू ने एक बेहतरीन प्लॉट चुना है, लेकिन स्क्रीनप्ले में कई कमजोरियां हैं।
- शुरुआत में कहानी बेहद रोमांचक लगती है, लेकिन जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, इसमें कई दोहराव देखने को मिलते हैं।
- फिल्म का मध्य भाग थोड़ा सुस्त हो जाता है, जिससे दर्शकों की रुचि कम हो सकती है।
- अंत में, कहानी जिस तरह से खत्म होती है, वह कई सवालों को अनुत्तरित छोड़ देती है।
A Ranjith Cinema – सिनेमेटोग्राफी और संगीत (Cinematography & Music)
1. सिनेमेटोग्राफी
- फिल्म की सिनेमेटोग्राफी अच्छी है, खासकर डरावने और रहस्यमयी दृश्यों को फिल्माने में कैमरा वर्क बहुत अच्छा है।
- कुछ सीन्स में डार्क टोन और लो-लाइट इफेक्ट्स का अच्छा उपयोग किया गया है।
2. संगीत और बैकग्राउंड स्कोर
- फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर थ्रिलर जॉनर के हिसाब से ठीक-ठाक है, लेकिन कोई ऐसा ट्रैक नहीं है जो दर्शकों के मन में लंबे समय तक रहे।
- कुछ महत्वपूर्ण दृश्यों में म्यूजिक और प्रभावी हो सकता था।
A Ranjith Cinema – कमजोरियां (Weaknesses of A Ranjith Cinema)
- कहानी का दोहराव
- कई घटनाएं बार-बार दोहराई जाती हैं, जिससे दर्शकों की रुचि खत्म हो सकती है।
- कमजोर स्क्रीनप्ले
- कहानी की शुरुआत तो अच्छी है, लेकिन अंत तक आते-आते यह भ्रमित करने लगती है।
- निर्देशन की असमानता
- कई जगहों पर फिल्म की गति बहुत तेज हो जाती है, और कई जगहों पर बेहद धीमी हो जाती है।
- बेवजह की कॉमेडी और एक्सटेंडेड सीन
- फिल्म में कुछ दृश्य ऐसे हैं जो कहानी को आगे बढ़ाने में कोई मदद नहीं करते, उन्हें हटाया जा सकता था।
A Ranjith Cinema – IMDb रेटिंग और समीक्षा (IMDb Rating & Review)
IMDb पर इस फिल्म को 5/10 की रेटिंग मिली है, जो इसे औसत फिल्म बनाती है।
- कुछ दर्शकों ने इसकी शुरुआत को सराहा है, लेकिन बाद में कहानी में आई गिरावट से निराशा भी जताई है।
- अगर स्क्रीनप्ले और डायरेक्शन को और बेहतर बनाया जाता, तो यह फिल्म मलयालम सिनेमा के बेहतरीन थ्रिलर्स में से एक हो सकती थी।
क्या आपको A Ranjith Cinema देखनी चाहिए? (Should You Watch A Ranjith Cinema?)
- अगर आपको मनोवैज्ञानिक थ्रिलर पसंद हैं और आप कुछ नया देखना चाहते हैं, तो आप इसे एक बार देख सकते हैं।
- लेकिन अगर आप एक बेजोड़, कसकर बुनी गई थ्रिलर फिल्म की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह आपको थोड़ा निराश कर सकती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
A Ranjith Cinema की शुरुआत तो एक शानदार थ्रिलर की तरह होती है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले, दोहराव और असमान निर्देशन के कारण यह अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच पाती।
👉 IMDb रेटिंग: ★★★☆☆ (5/10)
👉 देखें या नहीं? – अगर आप मलयालम थ्रिलर फिल्मों के फैन हैं, तो इसे एक बार देख सकते हैं, लेकिन ज्यादा उम्मीदें न रखें।
क्या आपने A Ranjith Cinema देखी? अपनी राय हमें कमेंट में बताएं! 😊

Pingback: Dabba Cartel Web Series Movie Review Hindi 2025