Kadha Innuvare Movie Review in Hindi

भूमिका

“कथा इनुवारे’ (Kadha Innuvare) वर्ष, 2024 में रिलीज़ मलयालम भाषा की फिल्म है , जिसका हिंदी में अर्थ होता है “अब तक की कहानी” या “कथा अभी तक”. फिल्म अमेजन प्राइम पर इंग्लिश सबटाइटल के साथ उपलब्ध है. मलयालम फिल्मों की विशेषता ही, किसी भी विषय की कहानी को विशिष्ट अंदाज़ में प्रस्तुत करना रहा है और यह फिल्म भी उन्हीं में से एक है. विष्णु मोहन द्वारा निर्देशित, यह मूवी, चार अलग अलग काल खण्ड की प्रेम कहानियों को बहुत खूबसूरती से संजोती है.

Kadha Innuvare Movie review in hindi

कहानी

मुख्य प्रेम कथा का पात्र, रामचंद्रन ( बीजू मेनन) तिरुवनंतपुरम के सरकारी विभाग में चपरासी के पद पर कार्यरत 49 वर्षीय अविवाहित व्यक्ति है. उसके विभाग मे, एक वरिष्ठ अधिकारी के पद पर स्थानांतरित हो कर लक्ष्मी (मेथिल देविका)आती हैं जो अपने पति की मृत्यु के बाद अपनी लगभग 20 वर्षीय पुत्री के साथ अकेले जीवन बिता रही हैं.शैक्षिक और सामाजिक स्तर में काफी अंतर होने के बावजूद, रामचंद्रन और लक्ष्मी के बीच गहरी दोस्ती पनपती है.

दूसरी कहानी, रामू (श्रीरंग शाइन) की है जो पलक्कड़न के एक दूरदराज गांव में पढ़ने वाला एक गरीब स्कूली छात्र है. वह अपनी सहपाठी जानकी(देविका अनूप ) से निश्छल प्यार करता है, लेकिन जानकी से वह अपने प्रेम को कभी कह नहीं पाता.

तीसरी कहानी कॉलेज की तेजतर्रार छात्रा उमा (निखिला विमल) और अलाप्पुझा के एक जोशीले युवा राजनीतिक कार्यकर्ता जोसेफ (अनु मोहन)की है ,जिनके बीच, शुरु की तकरार बाद में प्रेम में परिवर्तित हो जाती है.

चौथी कहानी इडुक्की की शराब् की दुकान मे काम करने वाले नेक दिल कर्मचारी (हक्कीम शाहजहाँ) और वेश्या नज़ीमा (अनुश्री)की है जहाँ अपनी दुकान पर रोज़ आने वाली बुर्का पहनने वाली महिला नज़ीमा से, हकीम मन ही मन प्रेम करने लगता है और यह जानने के बावजूद कि नज़ीमा एक वैश्या है,हकीम उससे प्रेम विवाह करना चाहता है.

चारों ही प्रेम कथा आपस में किस तरह जुड़ी हुई हैं और किसका भाग्य किसे कहाँ ले जाता है, यही इस फिल्म की कहानी है।

अभिनय

बीजू मेनन हमेशा की तरह, हर दृश्य में अपनी स्पष्ट छाप छोड़ते हैं, अधेड़ आयु के एकल अविवाहित पुरुष के रूप में बीजू ने प्रभावित किया है. उनके सम्मुख महिला पात्र के रोल में मेथिल देविका अधिकतर दृश्यों में, संवाद के बजाय अपनी भाव प्रवण आँखों का प्रभावी ढंग से प्रयोग करते हुए, बीजू को बराबर की टक्कर देती हैं.
हकीम शाहजहाँ और अनुश्री का अभिनय ठीक-ठाक है, लेकिन निखिला विमल और अनु मोहन का अभिनय बस ठीक ठाक ही है. रामू के रूप में, बाल कलाकार श्रीरंग शाइन का अभिनय लाजवाब है. अपनी उम्र की मनोदशा को उन्होंने बेहतरीन ढंग से अभिनीत किया है.

क्यों देखें

मूवी, चार अनोखी प्रेम कहानियों का एक ऐसा संकलन है, जिसमें अलग अलग वय के चार जोड़े, तमाम मुश्किलों के बावजूद अपने प्रिय के साथ रहने के लिए संघर्ष करते हैं. बालपन का निश्छल प्यार हो, युवा वर्ग का आक्रामक प्रेम हो, परिपक्व मानसिकता का सब लाभ हानि विचार कर किया जाने वाला प्रेम हो या कि अधेड़ उम्र में शारीरिक के बजाय मानसिक रूप से परिपक्व प्यार की आवश्यकता को पूर्ण करने वाला प्रेम हो. हर उम्र के परिपेक्ष्य मे, प्रेम के अलग अलग रूप मूवी मे देखने को मिलते हैं.

मार धाड से भरपूर, आज कल की फिल्मों के बीच,बिना मार पीट की,अलग अलग उम्र के लिहाज़ से एक प्रेम कहानी, एक ही मूवी मे देखना एक सुखद अनुभव है.

कमजोरी

फिल्म ‘कथा इनुवारे’ के निर्माताओं ने कहीं भी यह नहीं माना है कि यह फिल्म 2018 में आई तेलुगु फिल्म ‘सी/ओ कंचारपालम’ का रीमेक है, जो मूल मूवी के मुकाबले, उतना प्रभावित नहीं करता. इसलिए, अगर आपने वह तेलगु फिल्म देखी है, तो फ़िर उस मूल फिल्म के मुकाबले यह औसत फिल्म कही जा सकती है.

निष्कर्ष

बीजू और देविका के शानदार भाव प्रवण अभिनय के कारण, लगभग दो घंटे की यह एक यादगार फिल्म है. धीमे धीमे सुलगते प्रेम संबंध से, 70-80 दशक का युवा तुरंत ही जुड़ जाता है लेकिन आज के तेज कंप्यूटर युग में, इस प्रकार की प्रेम कहानियों को समझ पाना मुश्किल हो सकता है

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