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परिचय
शीतल भाटिया और नीरज पांडे द्वारा निर्मित और शशांत शाह द्वारा निर्देशित “आपरेशन रोमियो” मलयालम फिल्म “इश्क” का रीमेक है ।
फ़िल्म एक युवा जोड़े के अंतरंग पलों के दौरान कथित पुलिस वालों द्वारा परेशान किए जाने पर आधारित एक रोमांटिक थ्रिलर/रिवेंज ड्रामा है जो अपने नाटकीय घटनाक्रम द्वारा आपको शुरू से अन्त तक बांधे रखती है। एक किस या चुम्बन का आग्रह एक युवा जोड़े के जीवन में कितनी उथल पुथल मचा सकता है, यह देखना है, तो इस फ़िल्म को देखिये।
कहानी की झलक

आदित्य शर्मा (सिद्धांत गुप्ता) अपनी गर्लफ्रेंड नेहा (वेदिका पिंटो) का बर्थडे सेलिब्रेट करने के लिए साउथ मुंबई इलाके में लाँग ड्राइव पर जाता है और एक हॉस्पिटल की पार्किंग में गाड़ी खड़ी कर अपनी गर्ल फ्रेंड को किस करना चाहता है कि उसी समय मंगेश जाधव (शरद केलकर) और पाटिल (किशोर कदम) नाम के दो शख्स उनका वीडियो बना, उन्हें धमकाने लगते हैं.रात के भयावह सन्नाटे में,अपनी और अपने परिवार की इज़्ज़त को ध्यान में रखते हुए, आदित्य और नेहा घबरा जाते हैं जिसका फायदा उठा कर मंगेश और पाटिल उनसे पैसे ऐंठना चाहते हैं. जब आदित्य एटीएम से पैसे निकाल रहा होता है तभी मंगेश कार के अंदर घुसकर नेहा से कुछ बदतमीज़ी करता है, जिसके बारे में पूछने पर, न तो शरद कुछ बताता है और न ही नेहा कुछ कहती है,बस रो रही होती है। किसी प्रकार,पैसे देकर, उनसे अपना पिंड छुड़ा कर,आदित्य नेहा को उसके होस्टल छोड़ता है।जहां नेहा, इस पूरे प्रकरण के लिए आदित्य को जिम्मेदार मानते हुए, उसके पुरुषत्व को लेकर,उसका अपमान कर देती है. आदित्य परेशान और अपमानित महसूस करते हुए बदले की भावना से उक्त कथित पुलिस वालों का पता लगाने के लिए एक बार फिर से उसी हॉस्पिटल की पार्किंग में जाता है । जहाँ उसे पता चलता है कि मंगेश पुलिसवाला नहीं, बल्कि एक एम्बुलेंस ड्राइवर है और पाटिल एक लेडीज टेलर है. छुब्ध आदित्य मंगेश के घर पहुंच के उसकी पत्नी भूमिका चावला और बेटी के साथ भी ऐसा कुछ करता है कि मंगेश के साथ मारपीट की नौबत आ जाती है लेकिन आदित्य उसे पीट कर, उसकी असलियत उसकी पत्नी के सामने रख देता है.अपने अपमान का प्रतिशोध लेने के बाद वह अपनी गाड़ी की डिक्की में पाटिल को बंद कर नेहा से मिल, उसे दिखाना चाहता है कि उसने एक विश्वधनीय पुरुष की भाँति,उस रात के अपराधियों को दंडित कर दिया है लेकिन नेहा उसके प्रेम प्रस्ताव को ठुकरा देती है।
अभिनय और प्रदर्शन
नवोदित कलाकार सिद्धांत गुप्ता और वेदिका पिंटो ने गज़ब का स्वभाविक अभिनय किया है विशेषकर वेदिका ने। एक डरी सहमी, युवा प्रेमिका के भावों को जितनी सहजता से उन्होंने अभिनीत किया है, वह प्रशंसनीय है। शरद केलकर हमेशा की तरह अपने अभिनय से प्रभावित करते हैं और उनका साथ पाटिल के रूप में किशोर कदम ने अच्छे से निभाया है। अन्य कलाकारों में भूमिका चावला और नवनी परिहार आदि के हिस्से में ज्यादा कुछ था ही नहीं, पर जितना भी था, उन्होंने बखूबी निभा दिया है।
संगीत / बैक ग्राउंड म्यूज़िक
फ़िल्म के गीत मनोज मुंतशिर ने लिखे हैं जो अच्छे होते हुए भी जबान पर नहीं चढ़ पाते। बैक ग्राउंड संगीत फ़िल्म के कथानक को बेहतर ढंग से सप्पोर्ट करता है।
IMDb रेटिंग और क्रिटिक्स का रिव्यू
मूवी की imdb रेटिंग 6.4/10 है।
फ़िल्म के मजबूत और कमजोर पक्ष
फ़िल्म में कहानी, कलाकार, अभिनय सब बढ़िया होते हुए भी, कहानी के प्रदर्शन लिए जगह का मुंबई होना अटपटा लगता है क्योंकि हम सब जानते हैं कि मुंबई में जगह कम होने की वजह से प्रेमी युगल अक्सर ऐसी जगहें तलाश करते रहते हैं जो उन्हें थोड़ा एकांत दे। समस्या के बारे में जानते हुए,प्रेमी युगलों को मुंबई में कोई परेशान नहीं करता, जैसा कि इस फ़िल्म में दिखाया गया है।गाने प्रभावशाली नहीं हैं।कुछ जगहों पर कहानी थोड़ी खिंची हुई लगती है।
क्यों देखें
रोमांटिक थ्रिलर और सोशल ड्रामा से भरपूर फ़िल्में पसंद करने वालों को “ओपरेशन रोमियो” ज़रूर देखनी चाहिए। यह फ़िल्म आपको सोचने पर मजबूर कर देगी कि किस तरह कुछ लोग अपनी ताकत और पद का दुरुपयोग कर दूसरों को परेशान / ब्लैकमेल करते हैं।
निष्कर्ष
संक्षेप में, यह मूवी सामाजिक पुलिसिंग की एक भयावह तस्वीर सामने लाती है। फ़िल्म के बारे में,कहा तो यहाँ तक गया है कि कहानी एक वास्तविक स्थिति पर आधारित है जिसका सामना इसके लेखक और उनकी प्रेमिका ने किया था। फिल्म की कहानी, कलाकारों का अभिनय और सस्पेंस इसे देखने लायक बनाते हैं। कुछ कमियों के बावजूद, यह एक अच्छी थ्रिलर फ़िल्म है जिसे आपको मिस नहीं करना चाहिए।
